भारत और मालदीव के बीच कई समझौते, जानें एस जयशंकर ने अपने समकक्ष के साथ किन मुद्दों पर की बातचीत

Feb 22 2021

भारत और मालदीव के बीच कई समझौते, जानें एस जयशंकर ने अपने समकक्ष के साथ किन मुद्दों पर की बातचीत

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को यहां कहा कि मालदीव के साथ समय पर खरे उतरे भारत के संबंध आज नई ऊंचाई को छू रहे हैं। मालदीव की दो दिन की यात्रा पर पहुंचे जयशंकर ने अपने समकक्ष अब्दुल्ला शाहिद से विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत के दौरान यह बात कही और भारत की तरफ से कोरोना वैक्सीन की और एक लाख डोज भेंट की। इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्री यहां से दो दिन के दौरे पर मारीशस जाएंगे।

इन महत्‍वपूर्ण मसलों पर हुई बात

दोनों नेताओं के बीच कोरोना के खिलाफ लड़ाई, भारतीय की आर्थिक मदद से चलाई जार रही परियोजनाओं, राजनयिक मामलों, बहुपक्षीय सहयोग समेत कई महवपूर्ण मसलों पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच मत्स्य प्रसंस्करण, लोक प्रसारण, सतत शहरी विकास, सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर और आवास समेत कई क्षेत्रों में दोनों के बीच एक साथ मिलकर काम करने को लेकर विभिन्न समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।

कोरोना वैक्सीन की और एक लाख डोज सौंपी

जयशंकर ने कहा कि ये समझौते दोनों देशों के बीच मजबूत और बहुआयामी विकास साझेदारी के प्रतीक हैं। जयशंकर ने मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और स्वास्थ्य मंत्री के. नसीम को कोरोना वैक्सीन की और एक लाख डोज सौंपी। भारत ने पड़ोसी पहले की अपनी नीति पर अमल करते हुए मालदीव को पिछले महीने भी वैक्सीन 'कोविशील्ड' की एक लाख डोज भेंट की थी।

नई ऊंचाई को छू रहे भारत मालदीव के संबंध

अब्दुल्ला शाहिद के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि समय की कसौटी पर खरे उतरे हमारे संबंध आज नई ऊंचाई को छू रहे हैं। हम विकास में साझेदार हैं, साथ ही क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को भी बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पड़ोसी पहले की नीति में मालदीव केंद्र में है। मालदीव उन देशों में था, जहां भारत ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन भिजवाई।

विदेश मंत्री के साथ व्यापक बातचीत

शाहिद के साथ बातचीत के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, 'एक असाधारण गहरी साझेदारी की पुष्टि हुई। विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के साथ व्यापक बातचीत हुई। कोरोना महामारी के दौरान हमारे साथ निकट सहयोग बनाए रखने की सराहना करते हैं। महामारी के बाद आर्थिक सुधारों को लेकर भारत तैयार है।'

क्रेडिट लाइन की पेशकश

बाद में एक्युवेनी स्टेडियम में एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत राष्ट्रपति इब्राहिम मुहम्मद सोलिह की खेल के लिए उच्च प्राथमिकता को स्वीकार करता है। भारत को इस प्रयास में भागीदार बनने का सौभाग्य मिला है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मालदीव के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत ने मालदीव में खेल के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चार करोड़ डॉलर (लगभग 300 करोड़ रुपये) की क्रेडिट लाइन की पेशकश की है।