Militancy in Jammu Kashmir: गजनवी फोर्स का कुख्यात आतंकी शेर अली कुवैत से डिपोर्ट, जम्मू लेकर आई पुलिस

Feb 18 2021

Militancy in Jammu Kashmir: गजनवी फोर्स का कुख्यात आतंकी शेर अली कुवैत से डिपोर्ट, जम्मू लेकर आई पुलिस

गजनवी फोर्स के कुख्यात आतंकी शेर अली को कुवैत सरकार ने बुधवार को डिपोर्ट कर दिया। नई दिल्ली से बुधवार को जम्मू कश्मीर पुलिस उसे जम्मू ले आई। शेर अली गुलाम कश्मीर से पुंछ के रास्ते आतंकियों की घुसपैठ और हथियारों व मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में दो वर्षों से सक्रिय था। इसके अलावा उसने पुंछ में आतंकवाद को जिंदा करने के लिए पूरा माड्यूल भी खड़ा कर लिया था।

वह कुवैत से आइएसआइ के साथ गुलाम कश्मीर गया और घुसपैठ में सहयोग करता था। जम्मू संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) मुकेश सिंह ने बताया कि कुवैत में रह रहे पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र के निवासी शेर अली को आइएसआइ ने गुलाम कश्मीर से पुंछ के बालाकोट के रास्ते प्रशिक्षित आतंकवादियों व हथियारों को भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स के आतंकी के खिलाफ पिछले वर्ष मेंढर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना व संगठन महामंत्री अशोक कौल की सलाह पर संयोजकों व सहसंयोजकों के नाम मनोनीत किए हैं।
नवंबर में कराई थी दो आतंकियों की घुसपैठ: शेर अली पर आरोप है कि उसने गुलाम कश्मीर से पुंछ के बालाकोट सेक्टर के डाबी से पिछले वर्ष 24 व 25 नवंबर की रात दो आतंकियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाई थी। शेर अली उस समय कुवैत से बालाकोट में आतंकवादियों के हैंडलर सुल्तान से संपर्क में था। घुसपैठ कर आए पाक प्रशिक्षित दोनों आतंकी मेंढर इलाके में सक्रिय रहे। इनके सेटेलाइट फोन एक्टिवेट होने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस व सेना के निशाने पर आ गए। 13 दिसंबर को मुगल रोड के पास बर्फ के बीच गुज्जरों की खाली ढोक में छिपे दोनों आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।


विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में हर तरह के निर्माण व पेड़ों की कटाई पर पूर्ण रोक लगा दी है।
पाकिस्तान से हथियार लाने में शामिल था: शेर अली पर आरोप है कि वह बालाकोट सेक्टर से भारतीय क्षेत्र में तीन पिस्तौल, एक आइईडी और हथियार व गोलाबारूद को लाने में सहयोग किया था। सीमा पार से हथियार व गोलाबारूद की खेप को पुंछ में आंतकी शेर अली के पिता मुश्ताक अहमद और उसकी बहन रसकीम अख्तर प्राप्त किया था। दोनों को पिछले वर्ष 11 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अभी तक शेर अली के पांच मददगार भी गिरफ्त में आ चुके हैं। यह सभी संपर्क में रहकर पुंछ जिले में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे थे।

हथियारों को देख ऐसा लगता है कि आतंकवादी संगठन किसी बड़े हमले की तैयारी में थे।
नशे की तस्करी में रहा शामिल: आइजी मुकेश सिंह ने बताया कि शेर अली कुवैत में बैठकर नारको टेररिज्म को भी बढ़ावा दे रहा था। आरोप है कि शेर अली दो किलोग्राम हेराइन भी तस्करी कराई थी। इस नशे की तस्करी से होने वाली कमाई का पुंछ क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाना था। इसके अलावा उसके गुर्गों के पास से पांच पिस्तौल, 13 ग्रेनेड और एक लाइव आइईडी बरामद की जा चुकी है।

कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए वहां विद्यार्थियों के बीच शारीरिक दूरी बनाई रखी जा सके।
आतंकी शेर अली के पिता और बहन से पूछताछ करेगी पुलिस: जैसे ही जम्मू-कश्मीर गजनबी फोर्स के आंतकी शेर अली को जम्मू एयरपोर्ट पर लाया गया तो जिला पुंछ की पुलिस पहले से ही उसकी गिरफ्तारी के लिए मौजूद थी। जम्मू एयरपोर्ट और साथ लगते इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आतंकी को जैसे ही विमान से उतारा गया तो पुलिस ने उसे घेरे में ले लिया। उसके साथ पहले से ही पुंछ जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस ने रिमांड पर ले लिया था। आतंकी से पूछताछ के लिए सीधे इंटेरोगेशन सेंटर ले जाया गया। वहां पहले से मौजूद जम्मू संभाग के आइजी मुकेश सिंह और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुकेश सिंह ने बताया कि इस आतंकवादी की गिरफ्तारी से पुंछ जिले में पांव पसार रहा आंतकी संगठन जम्मू कश्मीर गजनबी फोर्स को काफी आघात पहुंचा है। आतंकी से पूछताछ की जा रही है। शेर सिंह को पुंछ के सुरनकोट में भी ले जाया जाएगा। उसके पिता और बहन रसकीम से पूछताछ की जाएगी।